यह कानून सनातनी हिंदुओं के लिए एक धार्मिक ट्रस्ट स्थापित करता है, जो शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के मॉडल पर आधारित है। इस ट्रस्ट को राष्ट्रीय हिंदू बोर्ड (R.H.B.) कहा जाएगा, और इसके अध्यक्ष को 'हिंदू बोर्ड प्रधान' कहा जाएगा। राष्ट्रीय हिंदू बोर्ड की कार्यकारी संस्था में पाँच व्यक्ति शामिल होंगे, जिनमें एक अध्यक्ष और चार न्यासी होंगे| यह कानून सरकार द्वारा हथियाए गये सभी देवालयों को सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करता है। इस कानून को पारित करने के लिए संसद की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री इसे सीधे राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित कर सकते हैं।